Friday, October 17, 2014

वही जिन्दगी थी




जिस समय को हमने
साथ-साथ जिया था
शायद वही जिन्दगी थी।

भले ही उन लम्हों को
हमने हँसते हुए जिया था
या एक दूजे की बाँहों में
बिताया था
शायद वही जिन्दगी थी।

भले ही उन क्षणों को
हमने हाथों में हाथ डाले
हुए जिया था
या आँखों में आँखें डाले
बिताया था
शायद वही जिन्दगी थी।

भले ही उस वक्त को
हमने एक दूजे से बातें
करते हुए जिया था
या एक दूजे को देखते हुए
बिताया था
शायद वही जिन्दगी थी।

उगते हुए सूरज के साथ
चलते हुए चाँद के साथ
टूटते हुए तारों के साथ
जो पल हमने साथ -साथ जिये थे
शायद वही जिन्दगी थी।


No comments:

Post a Comment