शान्तम् सुखाय
Saturday, May 4, 2019
लौट आने का इन्तजार
दिन जाता है
रात आती है
रात जाती है
दिन आता है
इन्तजार
कहीं नहीं जाता
बना रहता है
हर समय इन्तजार
तुम्हारे लौट आने का
इन्तजार।
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