शान्तम् सुखाय
Monday, April 14, 2025
जीवन चक्र
माटी से बना दीपक
रात भर जलता है
रौशनी देता है
अँधियारा हरता है
सबको राह दिखाता है
और एक दिन टूट कर
माटी में मिल जाता है।
देह दीपक की
यही कहानी है
बचपन, जवानी और
बुढ़ापे की
तेज धारा में बहता
आखिर टूट कर
एक दिन माटी में
मिल जाता है।
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