जीवन
मरघट तक का
सफर है
जहाँ सिर्फ शवों का
इन्तजार है।
*
अन्तर
कानों से सुनी राग
मधुर होती है
मगर अनहद नाद
मधुरतम होती है।
*
संसार
जहाँ मनुष्य कभी
ईश्वर बनता है
और कभी ईश्वर
मनुष्य बनता है।
*
बदलाव
पहले पगडण्डी
शहर से
गांव की तरफ आती
अब सड़क
गांव से
शहर की तरफ जाती।