Saturday, October 31, 2026

कड़ुवे स्वर

कानून 
पर कटा कबूतर 
जख्म बनते नासूर। 

फाइलें 
ऊपर नहीं आती 
हाथ खुला चाहती। 

तारीखें 
हर महीने पड़ती 
जर्जर देह लड़ती। 

सौ गुनाह
स्वतंत्र विचरण 
बेल का वरण। 


Friday, October 30, 2026

गांव और शहर

पहले मैं 
गांव में रहता था 
घर बहुत बड़ा था 
दुनिया छोटी थी। 

अब मैं 
शहर में रहता हूँ 
घर छोटा है 
दुनिया बहुत बड़ी है। 


Thursday, October 29, 2026

कंक्रीट के बनते जंगल

सड़क किनारे 
फैले कंकरीट में 
पीपल की फूटती जड़ ने, 

नल से टपकती  
पानी की बूंदों को पीती 
चिड़िया से पूछा -

क्या हमें हमारी जमीन 
कभी वापस मिलेगी ?

Saturday, August 8, 2026

रसराज

नन्द-यशोदा के -- सलौने गोपाल 
वासुदेव-देवकी के -- बिछड़े लाल 
गोप-ग्वालों के -- नटखट नन्दलाल 

सांदीपनि के -- सर्वगुण सम्पन शिष्य 
सुदामा के -- परमप्रिय सहपाठी 
उद्धव के -- परमप्रिय मित्र 

अर्जुन के -- प्रिय सखा 
द्रोपदी के -- प्रिय सखी 

गोपियों के -- प्रेम के अवतार 
राधा के -- प्राणों के आधार 

कंस के -- महाकाल 
कुब्जा के -- प्रेम की वरमाल 

अनेको रस थे कृष्ण मे, 
इसीलिए रसराज कहलाये।  
 

Wednesday, July 15, 2026

राजनीति का वरण करो

राजनीति का वरण करो 
जाति-धर्म का खेल करो,
कानून को हाथ में लेकर 
न्याय-व्यवस्था मौन करो। 

रिश्वत खाओ काम करो
मंत्री  पद का भोग करो, 
दो नंबर  का पैसा आये 
उसको बाहर पार करो। 

सरकारी धन हरण करो        
अपने घर को खूब भरो, 
जनता के हम सेवक है 
इसका खूब प्रचार करो। 

कटमनी का पैसा खाओ 
जन-सेवा का नाम करो,
तोलाबाजी हक़ तुम्हारा 
जनता को गुमराह करो। 


 








Thursday, June 25, 2026

विस्मय

       कानून 
एक को मारने वाला 
जेल की सलाखों 
के पीछे मिलेगा,
मगर हजारों की 
मौत का जिम्मेदार 
फाइव स्टार होटलों में 
युद्ध विराम और 
शांति समझौता 
करता मिलेगा। 
       **

     चाहत 
पेड़ की चाहत
ठंडी बहती हवा
उसके पास ठहर जाए,
मगर हवा की चाहत
पेड़ उसके बाहुपाश में
बँध जाए।
              **

       सुबह 
आजकल
सूर्योदय के बाद भी
घरों में सुबह नहीं आती,
वो आठ बजे
चाय की खनक
सुनने के बाद ही
सुबह का आभास देती।
        **
   
         बंशी
श्याम की बंशी पर
राधा का मन-मयूर
नाचने लगा,
मगर मीरा की 
आँखों से
अश्रुपात होने लगा।
           **
        
नज़र 
विदेशी पर्यटक
खुश होते हैं,
लहरों संग क्रीड़ा करतीं
हेलेन, क्लोपेट्रा और डायोना को देख!
मगर मासूम बच्चे
खुश होते हैं,
सावन की पहली फुहार में
सतरंगी इन्द्रधनुष को देख!
        **

        इश्क़ 
दो प्रेमियों के बीच
जब तीसरा आता है,
तो मोहब्बत को यह गवारा नहीं होता,
मगर जब रास्ते का काँटा हटाकर
वो सोचते हैं कि जीत गए,
तब परवान चढ़ा वो इश्क़—
जेल की सलाखों के पीछे दम तोड़ता है।




Saturday, June 6, 2026

एक दशक बीत गया


तुम्हारे संग-सफर में कुछ तो जरूर था 
तेरी यादों को आज तक भुलाया न गया। 

तुम्हारी आँखों की चमक ओ शोख हंसी 
तुम्हारा नाजोअंदाज आँखों में बस गया। 

संभव नहीं जिंदगी में भूल पाउँगा कभी 
लिखना याद करने का बहाना बन गया।     

क्यों मुझे तन्हा छोड़ गई उम्र भर के लिए 
एक झलक के लिए मैं तड़पता रह गया। 

मेरे दिल की धड़कन अब भी थमी नहीं 
तुम को बिछुड़े तो एक दशक बीत गया।