आजकल मेरे बच्चे
मुझे मेरी गलती बताते हैं,
और मैं अब बच्चों को
जबाब नहीं दे पाता हूँ।
मैं चुप रह कर
गलती मान लेता हूँ,
और अपना मुकदमा
हार जाता हूँ।
मैं अपनी ही नजरों में
गुनहगार हो जाता हूँ,
और शर्मशार होकर
माफ़ी माँग लेता हूँ।
इस घटना से मेरी उम्र
दस साल बढ़ जाती है,
और मैं सचमुच में
बुड्ढा हो जाता हूँ।