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Friday, February 13, 2026

आभार

तुम्हारी यादें 
तुम्हारी बातें 
तुम्हारे शब्द 
मुझे मजबूर करते हैं 
बार-बार लिखने के लिए। 

कलम अपने आप 
चलने लगती है 
जैसे कोई 
हाथ पकड़ 
लिखवा रहा हो। 

महसूस करने लगता हूँ 
तुम्हें अपने अंदर 
अपने पास में 
अपने सामने 
और अपने चारों तरफ। 

तुम्हारी यादें ही अब 
मेरी अमानत है 
जिन्हें संजोकर रखता हूँ 
और जिंदगी के सफर में 
चलता रहता हूँ।