Saturday, March 16, 2024

मिलन का मौसम

नीली आँखों का स्नेह याद आ रहा है
आरजू का मौसम अभी गया नहीं है।  

सांसों का टकराना याद आ रहा है
बहार का मौसम अभी गया नहीं है। 

मधु अधरों की हँसी याद आ रही है
प्रणय का मौसम अभी गया नहीं है। 

वाणी की मधुरता याद आ रही है
प्यार का मौसम अभी गया नहीं है।   

दिल की धड़कन अभी चल रही है
मिलन का मौसम अभी गया नहीं है।  


   


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