Tuesday, January 10, 2023

बेटियां

अनजान से लव
जब से करने लगी हैं
35-50 टुकड़ों में 
कटने लगी हैं बेटियां।

परंपरा की चौखट
जब से लांघने लगी हैं  
नालों में यहां-वहां 
मिलने लगी बोटियां।

चार अक्षर पढ़ कर 
परिवार को नासमझ 
खुद को ही समझदार 
समझने लगी बेटियां।

लव- इन रिलेशन में 
जब से रह ने लगी हैं 
दरिंदों के हाथों
जान गंवा रही बेटियां।

थमो-रुको, ज़रा सोचो 
अगर तुम्हें प्यार हैं  
तो पहले सच्चे प्यार की 
पहचान करो बेटियां।

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