Saturday, June 6, 2026

एक दशक बीत गया

तुम्हारे संग-सफर में कुछ तो जरूर था 
तेरी यादों को आज तक भुलाया न गया। 

तुम्हारी आँखों की चमक ओ शोख हंसी 
तुम्हारा नाजोअंदाज आँखों में बस गया। 

संभव नहीं जिंदगी में भूल पाउँगा कभी 
लिखना याद करने का बहाना बन गया।     

क्यों मुझे तन्हा छोड़ गई उम्र भर के लिए 
एक झलक के लिए मैं तड़पता रह गया। 

मेरे दिल की धड़कन अब भी थमी नहीं 
तुम को बिछुड़े तो एक दशक बीत गया।  













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