शान्तम् सुखाय
Saturday, March 28, 2026
सबसे छुपा कर
उसके संग में
खूबसूरत
होता मेरा सफर।
मेरे सुख दुःख के
हर पल में
सदा साथ निभाती।
उसका सुखमय
भुजबंधन
सदा याद रहेगा।
है सुनहरी रात
सपने नहीं
वो चुरा जो ले गई।
बार बार पढ़ती
मेरा कागज़
सबसे छुपा कर।
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