Saturday, December 31, 2022

लव, सेक्स और मर्डर

बेटियां परम्पराएं तोड़ रही है 
लिव इन रिलेशन जी रही है,
                  
                   बिना किसी कमिटमेंट के 
                 क्वाँरी कोख जन्म दे रही है। 
  
शर्मों - हया खत्म हो रही है 
हैवानों के जाल फंस रही है,
                
                 मान - इज्जत  ताक में रख 
                रिश्ते-नाते सब तोड़ रही है। 

जीवन दांव पर लगा रही है
अपना धर्म भी छोड़ रही है,    
               
                प्यार का  बुख़ार उतरते ही 
               घर से बेघर होती जा रही है।  

आबरू कलंकित हो रही है 
ऐसिड से जलाई जा  रही है
              36 टुकड़ों में कटने का दर्द 
               कलम लिख नहीं पा रही है। 



Thursday, December 29, 2022

व्याकुल आँखें

व्याकुल आँखें
आज भी देख रही है 
राह तुम्हारी 

बिस्तर में 
हर करवट निकल रही है 
आह तुम्हारी 

व्यथित मन 
आज भी चाह रहा है 
छांव तुम्हारी 

यादों के सागर में 
बिन पतवार चल रही है 
नाव तुम्हारी 

जीवन की राह में 
हर ठोकर पर याद आ रही है 
बाँह तुम्हारी। 


Tuesday, December 20, 2022

शुभ आशीर्वाद

सुख समृद्धि से भरा 
दाम्पत्य जीवन हो सदा 
प्रभु की कृपा बनी रहे 
नील - पूनम पर सदा। 

तन भले ही दो ही हो
मगर दोनों एक जान हो 
एक दूजे के लिए प्रभु का 
सुन्दर एक वरदान हो। 

दो कुलों से जुड़े हो तुम 
उन दोनों की शान हो
एक दूजे के पूरक हो तुम 
हम सब का अभिमान हो। 

उल्लास - उमंगों से भरा 
तुम दोनों का जीवन हो 
अनुकरण करने जैसा 
तुम दोनों का प्यार हो। 

मनोकामना सभी पूर्ण हो 
जीवन में खुशहाल रहो 
आनंद ओ उत्साह के संग 
सदा स्वस्थ निरोग रहो ।  

जीवन के हर पल में 
दोनों हर्षित रहो सदा 
प्रभु की कृपा बनी  रहे 
नील- पूनम पर सदा। #

# नील- पूनम की शादी की पच्चीसवीं वर्षगांठ पर। 





मुझे तुम्हारा साथ चाहिए

रात की मदहोशी 
नींद से जब जगु 
इन्तजार में राह निहारती
तुम्हारी पलकें चाहिए 
मुझे तुम्हारा साथ चाहिए। 

सुबह मॉर्निंग वाक करके 
जब मैं घर लौटू 
नज़रों के सामने मुझे 
तुम्हारा खिलता चेहरा चाहिए 
मुझे तुम्हारा साथ चाहिए। 

दिन भर काम कर के 
थका हारा जब घर लौटू 
दरवाजे पर इन्तजार करती 
तुम्हारी शरबती आँखें चाहिए 
मुझे तुम्हारा साथ चाहिए। 

जीवन के सुरम्य पथ में 
हर कदम- कदम पर 
तुम्हारी खिलती प्राणमयी 
मुस्कान चाहिए 
मुझे तुम्हारा साथ चाहिए। 

थोड़ी सी शराररत 
थोड़ी सी तकरार  
थोड़ा तुम्हारे नरम हाथों का 
स्पर्श चाहिए  
मुझे तुम्हारा साथ चाहिए। 






Thursday, December 8, 2022

सारी बातें खत में लिखना

कैसा है चौमासा - खत में लिखना 
तालतलैया भर जाए  - तब लिखना 
हाँ, लिखना - क्या बोया है खेतों में 
सारी बातें लिखना खत में ।  

गैया कब बछड़ा देगी - खत में लिखना 
गुनगुनाए धान की कोठी - तब लिखना 
हाँ, लिखना - कितना साहूकार ले गया 
सारी बातें लिखना खत में ।  

बातें दादी की - खत में लिखना 
ससुराल से आए बड़की - तब लिखना 
हाँ, लिखना - कैसी है फुलकी बहना 
सारी बातें लिखना खत में ।  

गौना कब होगा - खत में लिखना 
कक्का फ़ौज से आए - तब लिखना 
हाँ, लिखना - कैसी है माँ की कमरिया 
सारी बातें लिखना खत में ।  

गांव की ख़बरें - खत में लिखना
मनरेगा में काम मिले - तब लिखना 
हाँ, लिखना - कितना लेता है पटवारी  
सारी बातें लिखना खत में ।  

Wednesday, November 23, 2022

हल्की गुलाबी ठण्ड

हल्की गुलाबी ठण्ड 
दस्तक देने लगी है 
स्वेटर, मफलर, कोट 
बाहर निकलने लगे हैं। 

ठंडी-ठंडी सुबह संग 
कंपकंपी रातें आई हैं 
हवा भी रंग दिखाने 
साजिस रचने लगी है। 

पेड़ों के पुराने पत्ते 
झर-झर गिरने लगे हैं 
रंग-बिरंगे फूल अब 
घरों में खिलने लगे हैं। 

आलू, मटर के परांठे 
थाली में सजने लगे हैं 
गाजर का हलवा भी 
खुशबू बिखेरने लगा है। 

गजक, मूंगफली, रेवड़ी 
घरों में आने लगी हैं  
चाय की प्यालियाँ भी 
होठों को छूने लगी हैं। 

ताजा गाजर, मूली भी 
बाजार में आने लगी है 
दुपहरिया में खाने का 
अब मजा देने लगी है। 

शाम होते ही घरों में 
सिगड़ी जलने लगी है 
धुंध  में  लिपटी  रातें
रजाई में घुसने लगी हैं । 
 




घरों के किंवाड़

परिंदों की 
पहली उड़ान संग 
चले जाते हैं खेतों में 

पेड़ों को देख 
भूल जाते हैं थकान 
लग जाते हैं काम में 

भीगे खेत देख 
भूल जाते हैं उदासी 
फूटते हैं स्वर अलगोजे में 

आसमान में 
चाँद देख खो जाते 
भविष्य के सपनों में 

वापसी के बाद भी
गांव पक रहा है 
मेरे सपनों में 

याद आते हैं 
रोहिड़ा खेत 
समलाई नाड़ी 
गांव का गुवाड़

लौट कर 
आने वालो के लिए 
गांव सदा खुले रखता है 
अपने किंवाड़।