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Tuesday, November 11, 2014

आयशा की दादी



डेढ़ साल की आयशा
आँगन में खेल रही है
जब उसे भूख लगेगी
वो रोने लगेगी

जब नींद आएगी
मम्मी की गोदी में
जाकर सो जाएगी

उसे नहीं पता
उसको गोद खिलाने वाली
उसकी दादी आज उसे छोड़
सदा के लिए चली गई

जब भी कोई पूछता है
'आयशा दादी जी कहाँ है'
वो अपनी नजर और अंगुली
तस्वीर की तरफ उठा देती है

उसे नहीं याद रहेगा
उसकी दादी उसे कितना
प्यार करती थी

कैसे दिन भर
उसे गोद में उठाये
खिलाती थी

कैसे उसकी अंगुली पकड़
पार्क में घुमाने
ले जाया करती थी

अभी तो वो खेलेगी
 हँसेगी, रोएगी और
रूठेगी

और हमें अपना
सारा काम छोड़
उसे गोद में लेनी होगी।


NO