खुबसूरत हाइवे
तेज रफ़्तार से चलती गाड़ियाँ
गाड़ियों में चाय-काफी पीते हुए
मौजमस्ती करते अमरीकी
बीच और डिस्को की मस्ती
वीकेंड पर घूमना-फिरना
किशोरावस्था में फ्रेन्ड के साथ रहना
मनमर्जी का जीवन जीते अमरीकी
मूंगफली और बादाम एक भाव
शराब और पानी एक भाव
हेनरीज-कोसको-वालमार्ट में
खरीददारी करते अमरीकी
जाते हैं हमारे बच्चे भी
पढ़ाई के लिए अमेरिका
फिर ढूंढते है वहाँ नौकरी
पाकर जीवन-साथी बन जाते अमरीकी
धीरे-धीरे बस जाता है अमेरिका
उनकी साँसों में,उनके जीवन में
फिर भी वो नहीं भूलते देश को
अपनी संस्कृति को, बन कर भी अमरीकी
अपनी संस्कृति को, बन कर भी अमरीकी
तीज-त्योहारों पर पहनते हैं
भारतीय पोशाकें,सजाते है आरती के थाल
करवाते हैं पंडित से पूजा-पाठ
प्रसाद को चाव से खाते है ये अमरीकी।
प्रसाद को चाव से खाते है ये अमरीकी।
(यह कविता "कुमकुम के छींटे" नामक पुस्तक में प्रकाशित है )