Showing posts with label बीच राह में. Show all posts
Showing posts with label बीच राह में. Show all posts

Friday, April 1, 2022

बीच राह में

मैं तुम्हें ढूँढता -ढूँढता 
चाँद तक पहुँच गया,
लेकिन तुम मुझे वहाँ 
नहीं मिली

तुम्हारे पाँवों के निशान 
देखते - देखते मैं 
मंगल ग्रह तक पहुँच गया 
लेकिन तुम वहाँ भी नहीं मिली

मैंने जा कर सितारों से पूछा- 
उन्होंने बताया कि 
तुम बहुत दूर निकल गई हो 

मैंने सितारों से कहा कि 
वे तुम्हें खबर कर दे 
मैं यहाँ इन्तजार कर रहा हूँ 

मैं इतनी दूर चला आया 
अब थोड़ी दूर 
तुम चली आओ। 

बिलकुल वैसे ही 
जैसे हम तुम
पहली बार मिले थे 
दोनों तरफ से आकर 
बीच राह में।