जब मैं नहीं रहूँगा
तब कोई नहीं आयेगा
मेरा नाम लेकर बुलाने
कि भागीरथ जी
है क्या घर मे ?
जब मैं नहीं रहुँगा
फिर कोई दोस्त
नहीं आएगा
मेरे बारे में पूछने
कभी इस घर में।
जब मैं नहीं रहूँगा
गाँव के लोग पुछेंगे
कहाँ रह गये
हम सब के साथी
क्या छोड़ आये घर में।
जब मैं नहीं रहूँगा
कुछ वर्षों बाद
आगंतुक पूछेंगे
किस की लगी है
यह तस्वीर घर में।