Showing posts with label जीवन की हकीकत. Show all posts
Showing posts with label जीवन की हकीकत. Show all posts

Monday, January 26, 2015

जीवन की हकीकत

मेरे दोस्त !
जीवन में तुम पा चुके होंगे
मुझ से अधिक विशिष्ट्ता
लेकिन तुम जीवन को
जी नहीं सके

तुम तो जीवन के असली
मतलब को भी नहीं
समझ सके

जीवन तो मैंने जीया है
अपनी पत्नी के संग 
हँसते हुए जीवन बिताया है 

अपने बच्चों के संग
खेल के मैदान में
समय बिताया है 

जीवन की
मधुर-पूर्ति की खोज में
मैंने सब कुछ पाया है

प्यार-मुहब्बत
हँसी-ख़ुशी
सब को मैंने जिया है

तुम्हारे लिए
ये सब सपना रहा
तुम तो कुछ भी नहीं कर सके 

अपने जीवन में 
खुशियाँ तलाश ने तक का
समय भी नहीं निकाल सके

मेरे दोस्त!
जब तक तुम इस बात को
समझोगे तब तक
बहुत देर हो चुकी होगी

रेत बँधी
मुट्ठी सी यह जिंदगी
रीत चुकी होगी।