मै एक नयी
रामायण का अंकन करूँगा
जो एक आदर्श
रामायण
होगी
रामायण
होगी
मेरा राम सूर्पनखा का
नाक काटने के लिए
भाई लक्ष्मण को
नहीं भेजेगा
नाक काटने के लिए
भाई लक्ष्मण को
नहीं भेजेगा
मेरा राम सीता के कहने पर
स्वर्ण मृग को मारने
नहीं जायेगा
मेरा राम सुग्रीव से मित्रता
करने के लिए कपट से
बाली का वध
नहीं करेगा
मेरा राम अशोक वाटिका से
सीता को लाकर उसकी
उसकी अग्नि परीक्षा
नहीं लेगा
मेरा राम रजक के कहने से
आसन्न-प्रसवा सीता को
वन में छोड़ने नहीं
भेजेगा
मेरा राम चारो भाइयो के
साथ सरयू में जाकर
समाधि नहीं
लेगा
मेरी रामायण का राम एक
आदर्श मानवीय मूल्यों
आदर्श मानवीय मूल्यों
का धारक राम
होगा।
कोलकाता
२३ जुलाई,२०१०
कोलकाता
२३ जुलाई,२०१०
