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Friday, July 23, 2010

मेरी रामायण का राम



मै एक नयी
रामायण का अंकन करूँगा
जो एक आदर्श
रामायण
होगी 

मेरा राम सूर्पनखा का
  नाक काटने के लिए 
  भाई लक्ष्मण को
    नहीं भेजेगा 

मेरा राम सीता के कहने पर
  स्वर्ण मृग को मारने 
  नहीं जायेगा

मेरा राम सुग्रीव से मित्रता
  करने  के लिए कपट से
  बाली का वध
 नहीं करेगा 

मेरा राम अशोक वाटिका से
सीता को लाकर उसकी
उसकी अग्नि परीक्षा
नहीं लेगा

मेरा राम रजक के कहने से
  आसन्न-प्रसवा  सीता को
 वन में छोड़ने नहीं
 भेजेगा 

मेरा राम चारो भाइयो के
 साथ सरयू में जाकर 
  समाधि नहीं
 लेगा

मेरी रामायण का राम एक
आदर्श मानवीय मूल्यों
 का धारक राम
होगा।



कोलकाता
२३ जुलाई,२०१०