Showing posts with label तुम आओगी ना. Show all posts
Showing posts with label तुम आओगी ना. Show all posts

Friday, December 8, 2017

तुम आओगी ना

दिसंबर आ गया
तुम्हारा पश्मीना साल
अभी तक ज्यों का त्यों
रखा है अलमारी में
तुम्हें ही ओढ़ना है ना
तुम आओगी ना

ठण्ड भी बढ़ गई है
मेरा स्वेटर, मफलर
निकाल कर धुप में
तुम्हें ही देना है ना
तुम आओगी ना

सुबह उठ कर
अदरक वाली चाय बना
तुम्हें ही पिलाना है ना
तुम आओगी ना

मीठी आंच में सेंक
गरम-गरम भुट्टे
निम्बू-नमक लगा
तुम्हें ही देना है ना
तुम आओगी ना।