महालया रे दिन
बरसा न बरस स्यूं
आपा देवा निमंत्रण
बुलावा छोटी - छोटी
कुँवारी कन्यावां ने
धौवां बारा पगल्या
पुंछ गमछा स्यूं
लगावां कुंकु अर
करा नमन समझ
दुर्गा रे उणियारै
माथै तिलक लगावां
देवां मोकळो सामान
जको काम आवै
पढने-लिखणे मांय
बूढी'र विधवां रो भी
करा आपा सम्मान
देवां बानै भी पैरण
ओढ़ण रो सामान
जीवण री आपाधापी स्यूं
थोड़ो टेम काढ़ 'र आवो
नवरात्रा के दिना मांय
आपा सगळा सागै मिल 'र
पुजा कुँवारी कन्यावां नै
देवा कपड़ा बूढी'र विधवाओं ने
नवरात्रा के दिना मांय।
NO
बरसा न बरस स्यूं
आपा देवा निमंत्रण
बुलावा छोटी - छोटी
कुँवारी कन्यावां ने
धौवां बारा पगल्या
पुंछ गमछा स्यूं
लगावां कुंकु अर
करा नमन समझ
दुर्गा रे उणियारै
माथै तिलक लगावां
देवां मोकळो सामान
जको काम आवै
पढने-लिखणे मांय
बूढी'र विधवां रो भी
करा आपा सम्मान
देवां बानै भी पैरण
ओढ़ण रो सामान
जीवण री आपाधापी स्यूं
थोड़ो टेम काढ़ 'र आवो
नवरात्रा के दिना मांय
आपा सगळा सागै मिल 'र
पुजा कुँवारी कन्यावां नै
देवा कपड़ा बूढी'र विधवाओं ने
नवरात्रा के दिना मांय।
NO