Saturday, February 28, 2009

मेरा गाँव


गाँव में वह पीपल का पेड़ भी नहीं रहा
जिस पर हम सब मिल कर खेलते  थे।
  आशु काका की बैलगाड़ी भी नहीं रही   
  जिस पर चढ़ कर शहर जाया करते थे।
                                                  मेरा गांव अब बदल गया है।

कुम्हार काकी का अब नाच भी नही रहा,
जो शादियों में ढोल पर हुआ करता था।
दूध- दही की नदियाँ भी अब नहीं  बहती,
जो  किसी  मेहमान आने पर बहती  थी।
                                                     मेरा गाँव अब बदल गया है।

खेतों में अब अलागोजों पर गीत भी नहीं बजते,
जो गायों  को चराते समय चरवाहे बजाते थे।
 गौरियां   भी अब   चौपाल   में गीत नहीं गाती,
जो   गणगौर के पूजन के  समय गाती    थी।
                                                         मेरा गाँव अब बदल गया है।

गाँव में अब निर्विरोध चुनाव भी नहीं  होते,
जो मालू काका के सरपंच रहने तक हुए  थे।
   रात में चौपाल पर हँसी ठहाके भी नहीं होते,  
     जो बलजी के  रहते  समय लगा    करते थे |   
                                                            मेरा गाँव अब बदल गया है |

    गाँव में पनघट पर अब पायल भी नहीं बजती, 
     जब औरते बन-ठन  कर  पानी लाने  जाती थी |
      लम्बे  घूँघट भी अब गाँव  में दिखाई नहीं  देते,
          जो सभी गाँव की  औरते  निकाला  करती थी | 
                                                          मेरा गाँव अब बदल गया हैं |


कोलकत्ता
२८ फ़रवरी,२००९

(यह कविता "कुमकुम के छींटे" नामक पुस्तक में प्रकाशित है )

4 comments:

  1. हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका हार्दिक स्वागत है. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाऐं.

    एक निवेदन: कृप्या वर्ड वेरीफिकेशन हटा लें तो टिप्पणी देने में सहूलियत होगी.

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  2. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  3. ब्लोगिंग जगत में आपका स्वागत है।
    सुन्दर रचना के लिए शुभकामनाएं।
    लिखते रहिए, लिखने वालों की मनज़िल यही है।
    भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकून पहुंचाती है।
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
    www.zindagilive08.blogspot.com
    आर्ट के लि‌ए देखें

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