Friday, December 27, 2013

मधुर मुस्कान




एक बरस की हुयी आयशा
अब करती हर दम शैतानी,
अगड़म-बगड़म भाषा बोले
नहीं समझ में वह आती।

पानी उसको अच्छा लगता
बाथिंग टब में नहाती है
फिर चाहे कितना बहलाओ
बाहर नहीं निकलती है।

बड़े शौक से झूला झूले 
निचे नहीं उतरती है
पिज़ा,मैगी और पकौड़ी
बड़े चाव से खाती है।

छुपा-छुपी खेल खेलना
उसको प्यारा लगता है,
उसकी इन अदाओं पर
सारा घर खुश हो जाता है।

हम तो बैठे दूर बहुत है
मोबाईल पर बाते होती
मम्मी कहे प्रणाम करो
हाथ जोड़ जय करती।

सबकी प्यारी राजदुलारी
करती अपनी मनमानी,
मम्मी आँख दिखा कहती
अब बंद करो अब शैतानी।

२८ नवम्बर २०१३ को प्यारी आयशा एक साल को हो गयी। 

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