Saturday, July 17, 2010

भक्तगण



गर्मियों की शाम
स्वर्गाश्रम (ऋषिकेश)
गंगा का तट
पानी में नहाते
भक्तगण। 

ठंडी-ठंडी हँवाए
शांत गंगा जल
घाटो पर ध्यान लगाते
भक्तगण। 

गीता भवन का घाट
श्री गौरी संकर जी के
सानिध्य में 
शिव महिमा स्त्रोत्र का
 पाठ करते
भक्तगण। 

परमार्थ निकेतन का घाट
मुनि श्री चिन्मया नन्द जी के
सानिध्य में
गंगा आरती करते
भक्तगण। 

वानप्रस्थ आश्रम
श्री मुरारी बापू के
सानिध्य में
भागवत कथा का
रसपान करते
भक्तगण। 

श्री वेद निकेतन धाम
  विश्व गुरूजी के
सानिध्य में
हठयोग का 
 प्रशिक्षण लेते   
भक्तगण। 

आध्यात्मिक भक्ति -भाव
के सानिध्य में
गंगा में दीपक
अर्पित करते 
कितने अच्छे लगते हैं
भक्तगण। 



गीता भवन
१६ जुलाई, 2010
(यह कविता "कुमकुम के छींटे" नामक पुस्तक में प्रकाशित है )

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