Thursday, August 10, 2017

चरवाहें

मैंने देखा है
चरवाहों को खेजड़ी की
छाँव तले अलगोजों पर
मल्हार गाते हुए

मैंने देखा है
चरवाहों को जंगल में
कमर से बंधी रोटी को
प्याज के साथ खाते हुए

मैंने देखा है
चरवाहों को भेड़ के नवजात
बच्चे को गोद में लेकर
घर लौटते हुए

मैंने देखा है
चरवाहों को शाम ढले
पशुओं के झुण्ड को
घर लाते हुए

मैंने देखा है
चरवाहों को चिंता रहित
मस्त एवं स्वच्छंद जीवन
जीते हुए।



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