Friday, June 28, 2013

बचपन में शादी

मै ऑफिस से आया ही था
कि चुपके से आकर
किसी ने मेरी दोनों आँखे
अपनी नरम हथेलियों से
बंद करदी।

और फिर मुझसे पूछा
बताइये मै कौन हूँ ?
मैने अपने हाथो से
उन कोमल हाथो का
स्पर्श किया और कहा-पुजा
ऊँ हूँ -उत्तर आया
मैंने कहा राधिका
वो भी नहीं -
और मेरी आँखे खोल
सामने आकर बोला-
मै गौरव हूँ।

मै मुस्करा उठा
उसने मुझे एक एलबम
दिखाते हुए पूछा-
दादा जी यह आपका फोटो है ना
मैंने कहा हाँ
आप कितने हैण्डसम लग रहे है
और दादीजी भी कितनी क्यूट लग रही है।

(राजस्थान के गाँवों  में पहले बहुत छोटी उम्र में शादियां कर दिया करते थे. मेरी शादी के समय उम्र मात्र  सतरह साल की थी और सुशीला की साढ़े बारह साल की। )










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