Saturday, May 21, 2016

एक चाय की प्याली

बच्चे एक-एक कर
घर से बाहर जा रहे हैं
अपना भविष्य संवारने
अच्छे कॉलेजों में पढाई करने

दो साल हो गए
अभिषेक को वैलोर गए
एक बार मिला था
इन दो सालों में

पूजा अमेरिका जा रही है
अभी बारहवीं ही तो पास की है
९६.३%मार्क्स लेकर

गौरव और राधिका को
आज बैंगलोर ले कर गए है
वहाँ पढ़ाई अच्छी होती है

बच्चे सारे बिछुड़ रहे हैं
अब वो नहीं खेलेंगे मेरे साथ
नहीं पूछेंगे मुझसे आ कर कोई बात

उनकी स्मृतियाँ मन में संजोए
मेरी उँगलियाँ चलती रहेगी कंप्यूटर पर
आँखें जमी रहेगी स्क्रीन पर
कोई आ कर रख देगा बगल में
एक चाय की प्याली।



No comments:

Post a Comment