Thursday, December 29, 2011

प्रभु महान है

प्रभु आप महान है,
इसलिए नहीं कि आपने
सूरज-चाँद बनायें  हैं या
धरती-आकाश बनायें  है
आप महान इसलिए है कि
छोटे और बड़े सभी  आपको
अपना मानते हैं  |



(यह कविता "कुमकुम के छींटे" नामक पुस्तक में प्रकाशित है )




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