Thursday, April 11, 2013

एक नजर






प्रकृती ने लुटाया
अपनी
भव्यता का खजाना
देखिये एक नजर।

आकाश के कैनवास
पर उभरते
नये-नये रंग 
उठाइये एक नजर।

समुद्र के गर्भ में
छिपा पड़ा अद्धभुत
जलचर संसार 
झाँकिये एक नजर।

पक्षियों की बोलियाँ 
झरनो का संगीत 
गुनगुनाते भंवरे
डालिए एक नजर।

फूलो की खुशबू से
सुरभित बयार
झूमते पेड़-पौधे
देखिये एक नजर।

आकाश को चुमते   
विशाल पर्वत
चमकती हिमराशि
दौड़ाइये एक नजर। 







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