Tuesday, August 26, 2014

सांसो में उत्तरना



इस बार चौथ पर
नहीं देख सका तुम्हारे
हाथों की मेहंदी 

तुम्हे बहुत शौक था 
लगाने हाथों में 
मेहंदी 

जब भी तुम लगाती
हाथों में मेहंदी 
मुझे आकर जरूर दिखाती

कैसी रची है मेरी मेहंदी 
अपने हाथों दिखा कर
बार-बार पूछती 

तुम्हे बार-बार
मुस्कराते हुए पूछना
अच्छा लगता

और मुझे तुम्हारे
हाथों की खुशबू  का
सांसो में उत्तरना
अच्छा लगता। 

















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