Sunday, November 16, 2014

आउटडेटेड



एक तुम्ही तो थी
जिसके साथ सच्ची 
बात को ले कर मैं 
लड़ लिया करता था 

तुम से मिले इस 
अधिकारों का मैं 
बेहिचक इस्तेमाल 
करता था 

अब जब तुम चली गई 
तो किस के साथ 
विवाद करूँ 

अब तो मन को मना लिया 
झूठ हो या सच सभी को 
निर्विवाद स्वीकार करूँ

अब जब भी कोई कुछ कहता है 
मैं अपनी आँखे बंद कर 
गर्दन नीची कर लेता हूँ यानी कि
अपनी मौन स्वीकृति दे देता हूँ 

सच्ची बात को लेकर भी 
अब मैं कोई तर्क नहीं करता  
उन्ही की बात को मान लेता हूँ 

आजकल नयी पीढ़ी
अपने आप को
कुछ ज्यादा ही समझदार
समझने लगी है 

अब वो ज्ञान देने में भी
नहीं हिचकिचाती
वो बुजर्गो को अब
आउटडेटेड समझने लगी है। 





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