Thursday, June 25, 2015

मानसून

कलकत्ते में
मानसून आ गया
सुबह से लगातार वर्षा
हो रही है

वर्षात में अकेले
कुछ करने का मन
नहीं कर रहा

सोचता हूँ
कमरें में बैठ कर
खिड़की से टपकती
बूंदों का अहसास करूँ

अलमारी से
एलबम निकालूँ
तुम्हारे चित्रों को देखूँ
और तुम्हे प्यार करूँ।





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