Thursday, August 23, 2012

दादाजी का आशीर्वाद






राहुल - अभिषेक

सफलता का पहला  स्वाद
तुमने आज  चखा 
हम सब को तुम पर गर्व है।

यह तो पहली सीढी है 
जिस पर तुमने पाँव रखा है
मंज़िल अभी बहुत दूर है।


अभी तो तुम्हे समुद्र की
अतुल गहराई से मोती
चुन कर लाने है।

नीले आसमान मे पंछी की
तरह उड़ कर आकाश
की उँचाई को मापना है।

जिंदगी के रंगीन
सपनो को जीवन मे
साकार करना है।

दिल के भावो को
सज़ा कर सुंदर गीतों
मे ढालना है।

मेहनत और परिश्रम
के बल तुम्हे अभी बहुत
दूर तलक जाना है।

हमारा आशीर्वाद
सदा तुम्हारे साथ रहेगा
तुम पर प्रभु कृपा बरसेगी ।

तुम्हारी आँखों मे
हर पल सूरज की रोशनी
जगमगाएगी।


तुम्हारे दिल  मे
हर पल  चंद्रमा की शीतलता
छाई रहेगी।

तुम्हारी वाणी मे
हर समय अग्नि का
ओज बसेगा।

तुम्हारे प्राणो मे
हर पल वायु देवता का
वास होगा।


जिंदगी मे सफलता
हर पल तुम्हारे कदम
चूमेग ।

दुनिया एक दिन
तुम्हारा नाम इज़्ज़त के
साथ लेगी ।

ढेर सारी शुभ कामनाओ के साथ

तुम्हारे दादाजी दादीजी
पिट्स बर्ग ( पेनसेलवेनिया )
अमेरिका  ।

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